ए शोषित मजदुर किसान भाइ तेरा,
जीवन रहता आया सदा बेसाहारा ।
बहाया पसिना लड जमी आसमां से,
मिटाया गरिबी तु सारे जहां से
पर खुद भुखे गिनता तु रातों का तारा
जीवन रहता ………………….

शोषण की दिवारें जबतक खडि है,
गरिबी अमिरी की रेखा पडी हैं,
तबतक ना मिलेगा मुक्ति का किनारा
जीवन रहता…………………….

चाहे निर्दल पंचायत हो चाहे बहुदल व्यावस्था
इन दोंनो मे न रखना कभि तु अपनी आस्था
मिल उससे सकेगा क्या अधिकार तुम्हारा
जीवन रहता………………………………..

वर्ग जबतक रहे कायम शोषण रहेगा
वर्ग संघर्ष भी तबतक कायम रहेगा
ये सिद्धान्त है ये माओ विचारधारा
यही भाग्य तेरा केवल ये सहारा
ए शोषित मजदुर ………………………….

जितकर के भी चुनाव होगा फिर क्या हासिल
कीन लेगा तुम्हारे सांसद को ओ चाहिल
अतः बुलन्द कर दो वर्ग संघर्ष का नारा
जीत तेरी फिर निश्चित ए सर्वहारा

प्रतिक्रिया

सम्बन्धित खवर